दुनिया में सबसे ज्यादा अखबार पढ़ने वाला देश जापान।
दुनिया में सबसे ज्यादा अख़बार पढ़ने वाला देश जापान जी हां मुझे भी ये जानकारी सुनने के बाद काफी हैरानी हुई । की टेक्नोलॉजी में सबसे आगे रहने वाले देश के लोग मीडिया को जापान को अभी भी समेट कर रखे हैं क्योंकि डिजिटल मीडिया और ई पेपर के युग में प्रिंट मीडिया का अस्तित्व दब सा गया है लोगों के पास लिखने ओर पढ़ने के लिए फ़ुरहत ही नहीं है। ऐसे न प्रिंट मीडिया का युग समाप्त ही होगा ।

जापान वह देश माना जाता है जहाँ सबसे अधिक लोग नियमित रूप से अख़बार पढ़ते हैं। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के तेज़ दौर के बावजूद जापान में प्रिंट मीडिया की लोकप्रियता आज भी बनी हुई है। यहाँ अख़बार पढ़ना केवल आदत नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा है।
जापान में योमियुरी शिंबुन, असाही शिंबुन और माइनिची शिंबुन जैसे अख़बारों का दैनिक प्रसार करोड़ों में है। योमियुरी शिंबुन को दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला दैनिक अख़बार माना जाता है। यह तथ्य बताता है कि जापान में अख़बारों पर लोगों का भरोसा कितना मजबूत है।विशेषज्ञों के अनुसार, जापान में उच्च साक्षरता दर, समय की पाबंदी और विश्वसनीय सूचना की मांग अख़बारों की लोकप्रियता के प्रमुख कारण हैं। जापानी पाठक सुबह काम पर जाने से पहले और यात्रा के दौरान अख़बार पढ़ना पसंद करते हैं। ट्रेन और मेट्रो में अख़बार पढ़ते लोगों का दृश्य जापान में आम है।इसके अलावा, जापान के अख़बारों की भाषा सरल, तथ्यात्मक और संतुलित होती है, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से समाचार समझ पाते हैं। स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों के साथ-साथ अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और संस्कृति पर गहन रिपोर्टिंग भी अख़बारों की खासियत है।डिजिटल युग में भी जापान में अख़बारों की मजबूत स्थिति यह साबित करती है कि विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता की अहमियत कभी कम नहीं होती। यही कारण है कि आज भी दुनिया में सबसे ज्यादा अख़बार पढ़ने वाले देशों की सूची में जापान शीर्ष स्थान पर है।
जापान हर क्षेत्र में सबसे आगे है जब न्यूक्लियर 💣 बम हिरोशिमा पर गिरा था तो कितने सालों तक जापान ने उसका नुकसान सह कर अपने आप को विश्व पाताल पर साबित किया है और दुनिया के बाकी देशों को जापान से कुछ सीखने की जरूरत है आपदा को अवसर कैसे बनाते है हमें जापान से सीखना चाहिए।

अभी आज की ही बात है मैने बीबीसी पर एक न्यूज देखा जिसमें 13 लोगों की जान भालू के कारण चली गई तो जापान सरकार ने भालुओं को मारने के दिशा निर्देश जारी कर दिए।

लेकिन उसके मांस बेकार न उसके लिए वहां के रेस्टोरेंट में तुरंत नए डिश बना दिए गए और जब लोगो से पूछा गया कि ये दोष कैसा है तो सबने कहा कि इस तरह की डिश उन्होंने कभी नहीं खाई है। है न कमाल के लोग और कमाल की इनोवेशन पावर और क्विक डिसीजन लेने की क्षमता।
