Bringing Today's Stories and news to Your Screen

Education

melvin defluer journalism

डीफ़्लूर: जनसंचार सिद्धांतों के महान विचारकजनसंचार और मीडिया अध्ययन के क्षेत्र में जिन विद्वानों ने पूरी दुनिया को नई दिशा दी, उनमें मेल्विन लॉरेंस डीफ़्लूर का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। वे न केवल एक प्रसिद्ध अमेरिकी संचार विद्वान थे, बल्कि आधुनिक मास कम्युनिकेशन थ्योरी (Mass Communication Theory) के निर्माण में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है। पत्रकारिता, जनसंचार, मीडिया अध्ययन और यूजीसी नेट–जेआरएफ जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके सिद्धांत आज भी पढ़ाए जाते हैं।प्रारंभिक जीवन और शिक्षामेल्विन डीफ़्लूर का जन्म 27 अप्रैल 1923 को अमेरिका के ओरेगन राज्य के पोर्टलैंड शहर में हुआ था। प्रारंभ से ही उनकी रुचि समाज, मानव व्यवहार और संचार प्रक्रियाओं में रही। उन्होंने सामाजिक मनोविज्ञान (Social Psychology) में उच्च शिक्षा प्राप्त की और इसी विषय में पीएच.डी. की। उनके शोध का मुख्य विषय यह था कि सूचना समाज में किस प्रकार फैलती है और लोगों के विचारों को कैसे प्रभावित करती है।शैक्षणिक जीवन और करियरडीफ़्लूर ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा अध्यापन और शोध को समर्पित किया। उन्होंने अमेरिका के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया, जिनमें इंडियाना यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ केंटकी, सिराक्यूज़ यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी और बोस्टन यूनिवर्सिटी प्रमुख हैं।वे न केवल अमेरिका में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय रहे और अर्जेंटीना में फुलब्राइट प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएँ दीं। उनके छात्र आज दुनिया के विभिन्न देशों में मीडिया और अकादमिक जगत में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभा रहे हैं।जनसंचार सिद्धांतों में योगदानमेल्विन डीफ़्लूर का सबसे बड़ा योगदान जनसंचार सिद्धांतों को वैज्ञानिक आधार देना माना जाता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मीडिया केवल सूचना देने का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच, व्यवहार और सामाजिक संरचना को भी प्रभावित करता है।उनके प्रमुख योगदानों में शामिल हैं:मीडिया सिस्टम्स डिपेंडेंसी थ्योरी (Media Systems Dependency Theory) – यह सिद्धांत बताता है कि लोग मीडिया पर कितनी अधिक निर्भरता रखते हैं और वह निर्भरता समाज व परिस्थितियों के अनुसार कैसे बदलती है।सोशल एक्सपेक्टेशन थ्योरी (Social Expectation Theory) – इसमें मीडिया और समाज के बीच आपसी अपेक्षाओं की भूमिका को समझाया गया है।प्रमुख पुस्तकें और लेखनमेल्विन डीफ़्लूर की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक “Theories of Mass Communication” मानी जाती है। यह पुस्तक दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम का हिस्सा रही है। इस पुस्तक में उन्होंने विभिन्न जनसंचार सिद्धांतों को सरल भाषा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया।इसके अलावा उन्होंने मीडिया प्रभाव, समाचार प्रसार, समाज और संचार के संबंध पर अनेक शोध लेख भी लिखे।मीडिया समाजशास्त्र में योगदानडीफ़्लूर को मीडिया समाजशास्त्र (Media Sociology) का अग्रदूत भी कहा जाता है। उन्होंने यह दिखाया कि मीडिया किस प्रकार सामाजिक संस्थाओं, राजनीति, संस्कृति और आम जनता के विचारों को प्रभावित करता है। उनका मानना था कि मीडिया और समाज एक-दूसरे से अलग नहीं, बल्कि परस्पर जुड़े हुए हैं।व्यक्तिगत जीवन और निधनमेल्विन डीफ़्लूर का वैवाहिक जीवन भी अकादमिक वातावरण से जुड़ा रहा। उनकी पत्नी मार्गरेट डीफ़्लूर स्वयं एक प्रसिद्ध संचार विद्वान थीं।13 फरवरी 2017 को 93 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत आज भी जीवित हैं।निष्कर्षमेल्विन डीफ़्लूर का योगदान जनसंचार के क्षेत्र में अमूल्य है। उन्होंने मीडिया अध्ययन को केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टि प्रदान की। आज भी पत्रकारिता, मीडिया स्टडीज़ और संचार शोध में उनके सिद्धांत मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं।मेल्विन डीफ़्लूर वास्तव में जनसंचार जगत के ऐसे स्तंभ हैं, जिनके बिना आधुनिक मीडिया अध्ययन की कल्पना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *