भारत–ब्राज़ील डिजिटल साझेदारी से नई तकनीकी दिशा को मिली रफ्तार
इस समय भारत और ब्राज़ील के बीच डिजिटल क्षेत्र में सहयोग तेजी से मजबूत हो रहा है। दोनों देश केवल पारंपरिक कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक और नवाचार को अपनी साझेदारी का केंद्र बना रहे हैं।हाल ही में ब्राज़ील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva की भारत यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
इस मुलाकात में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।नवंबर 2025 में ब्राज़ील में पहला भारत-ब्राज़ील डिजिटल संवाद आयोजित हुआ, जिसमें दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों ने डिजिटल परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
इसके तहत संयुक्त कार्य समूह बनाए गए हैं, जो डिजिटल भुगतान प्रणाली, डेटा गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर काम कर रहे हैं।अक्टूबर 2025 में ब्राज़ील के फ्लोरियानोपोलिस शहर में एक संयुक्त डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्र की स्थापना की गई। इसका उद्देश्य भारत के सफल डिजिटल मॉडल—जैसे पहचान और भुगतान प्रणालियों—के अनुभवों को साझा करना और स्थानीय जरूरतों के अनुसार तकनीकी समाधान विकसित करना है।सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ रहा है।
भारत का Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) ब्राज़ील के शोध संस्थानों के साथ मिलकर उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और एआई अनुसंधान को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है। इससे वैज्ञानिक शोध और औद्योगिक नवाचार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।दोनों देश यह मानते हैं कि डिजिटल तकनीक केवल आर्थिक विकास का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम भी है। इसलिए उनका ध्यान ऐसे डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण पर है जो सुरक्षित, समावेशी और दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा दे सके।कुल मिलाकर, इस समय भारत और ब्राज़ील के बीच तकनीकी सहयोग एक नई ऊँचाई पर है।
यह साझेदारी न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत कर रही है, बल्कि वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए भी सहयोग आधारित डिजिटल विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रही है।
