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समाचार सुरक्षा विशेषज्ञ का सहायक बना AI

Written by AI

समाचार लेखसाइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का सहायक बना एआई, ट्रायल में पूछे गए 3,000 से अधिक सवालनई दिल्ली। तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का नया सहायक बनता जा रहा है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी सीएसआईआरओ (CSIRO) ने 10 महीनों तक एआई आधारित टूल का ट्रायल किया, जिसमें चैटजीपीटी-4 से साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे गए। इस दौरान 45 विशेषज्ञों ने एआई से 3,000 से अधिक प्रश्न किए।ट्रायल से यह सामने आया कि चैटजीपीटी-4 ने सटीक जानकारी तो दी, लेकिन अंतिम निर्णय इंसानों को ही लेना पड़ा। एआई ने गलत और फर्जी सूचनाओं को पकड़ने में मदद की, जिससे साइबर सुरक्षा की तैयारियों को मजबूती मिली।यह सब कैसे हुआ?45 विशेषज्ञों ने चैटजीपीटी-4 का परीक्षण किया।3,000 से ज्यादा सवाल पूछे गए।एआई ने जानकारी दी, मगर अंतिम फैसले में इंसानों की भूमिका रही।कितनी सफल रही तकनीक?रिपोर्ट के मुताबिक,साइबर एक्सपर्ट्स को चैटजीपीटी-4 से बड़ा सहयोग मिला।सुरक्षा अलर्ट और हमलों की पहचान आसान हुई।हालांकि इंसानों की जगह पूरी तरह लेने में एआई अभी सक्षम नहीं हो सका।विशेषज्ञों की रायडॉ. मोहम्मद अल्हाशमी के अनुसार, “एआई साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए एक सहायक टूल साबित हुआ है। यह फर्जी डेटा और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मददगार है, लेकिन अंतिम फैसले और रणनीति बनाने में अभी इंसानी समझ ही आवश्यक है।”भविष्य की दिशारिपोर्ट से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में एआई साइबर अपराध की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसे केवल सहायक टूल के रूप में इस्तेमाल करना ही सुरक्षित होगा।

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