एक पत्र मोदी जी के नाम
प्रिय मोदी जी सदर प्रणाम मैं आपको वंदे मातरम के जयंती मानने पर शुभकामनाएं भेजती हूं।हो सकता है आपको मेरा पत्र मिले न मिले अगर किसी सज्जन को मिले तो कृपया मोदी जी को भेजने का कष्ट करें ।जब आप वंदे मातरम की बाते कर रहे थें तो शुरू शुरू में थोड़ा अच्छा लगा था लेकिन मैने फिर टीवी बंद कर दिया मुझे लगा कुछ और काम कर लूं । लेकिन बाद में पता चला कि आप 10 घंटे इसी मुद्दे पर बोलते रह गए दिल्ली जैसे शहर में इतनी देर बोलना भी आसान काम नहीं है ।यहां शुद्ध हवा की बहुत दिक्कत है l लेकिन आप कैसे समझेंगे आप तो प्यूरीफाइड मशीनों के अंदर रहते होंगे जिसमें मशीन हवा को शुद्ध कर देती है सुना है गाड़ियों के अंदर भी शुद्ध हवा आने वाली मशीन लगी होती है और कभी कवाल अगर सांस की समस्या महसूस हो तो देश से बाहर से सांस बदल के आ जाते हैं।खैर आपने बोला बहुत बढ़िया था ।लिखने वाले को शुक्रिया।लेकिन आपको पता है इंडिगो जिसमें आप भी कभी सफर किए हो या फिर आप प्राइवेट जेट से जाते होंगे मैने उतना कभी ध्यान नहीं दिया ।हां मैं इंडिगो की बात कर रही थी उसने क्रू मेंबर शॉर्टेज बताई चाहे जो भी वजह हो कितनी लोग परेशानी में थे आपने न्यूज देखा उस दिन हो सकता है आप अपने भाषण की तैयारी हो में नहीं देख पाए होंगे अनेकों काम होते हैं।विदेश यात्रा की तैयारी करना विदेशी नेताओं को बुलाना उनसे मिलना ।मुझे याद है जब दिल्ली में दंगे भड़क रहे थे तब आपकी सरकार नहीं थी आप ट्रंप के स्वागत में लगे थे और दिल्ली जल रही थी।लेकिन आप क्या करते सरकार आपकी नहीं थी न दिल्ली जल रही थी आप दिल्ली में थे नहीं न।अभी दिल्ली में शायद आपकी ही सरकार है ।लोगों को सांस नहीं आ रही लेकिन आप वंदे मातरम पर बोलिए ।आपके देश में बेरोजगार लोग बहुतों है जो बैठ के इंतजार करते रहतेहै। की शायद कोई बेरोजगारी हटाने के लिए कोई योजना चलें ।लेकिन आपको ही हिन्दू और मुसलमान बस यही करना है ।नेहरू जी ने ये किया वो किया उन्हें स्वर्ग या नर्क जहां है छोड़ दें । चैन से रहने दीजिए न बस छोड़ दीजिए।वो आकर चीज़ों को ठीक नहीं करेंगे ।वो लाख बुरे हो लेकिन उनकी एक सभा में मैने ऑडियो सुना वो कह रहे थे कि 75 साल बाद लोग हमें धर्म के नाम पर बांटेंगे। और शायद ये बात सही भी है ।
आप से निवेदन है आप धर्म जाती इनसे ऊपर उठिए। देश के नायक को ये सब बातें शोभा नहीं देती। रंगों में भेद करवाना बंद करिए कैसे हम सब एक साथ आगे बढ़ें। मतभेद वाली बातें नहीं करिए।
अब सारे मुस्लमान तो आतंकवादी नहीं होते न जो सही है वो उनके चक्कर में पीस जाते है ।
ये देश जहां हिंदू मुसलमान सब मिल कर रहते हैं उस खूबसूरती को देखिए। उन्हें अपने ही देश में परायों के जैसा मत महसूस करवाइए।
जो गलत है उन्हें सजा मिलनी चाहिए अभी जो दिल्ली में बॉम्ब ब्लास्ट हुए अच्छी पढ़ी लिखी डॉक्टर थी तो उसकी बुद्धि कैसे खराब हो गई ।ये सब देखिए आप इतने बड़े देश के जननायक हैं एक दूसरे के साथ चलने का संबोधन कीजिए।
और विशेष मैं क्या लिखूं अपनी सेहत का ख्याल रखिए और नेहरू जी को रहने दीजिए।
मेरे पत्र का जवाब जरूर दीजिएगा।
आपके पत्र के इंतजार में साधना भूषण
