5 मिनट में डिलीवरी अब कोई कंपनी नहीं बोलेगी केंद्र सरकार ने जारी किए नियम
जी हां अगर आप भी अपनी कोई सामान मंगाते हो और आपको सामने से रिप्लाई आता है कि 5 मिनट आ जाएगा तो आप तो बहुत खुश होते होंगे लेकिन जिनको ले कर आना पड़ता है कभी किसी न उनके दर्द को महसूस नहीं किया ।
कई बआर फिल्मों में और मीम या कहीं और भी सुना होगा कि डिलीवरी बॉय के पैसे कट गए 5 मिनट में पिज्जा नहीं पहुंचा और अपने ये भी सुना होगा कि इतने समय में पिज्जा नहीं पहुंचा तो फ्री पिज्जा या पैसे नहीं मैने लोगों को वीडियो में देखा है वो दरवाजा नहीं खोलते ताकि लेट हो और पिज्जा या बर्गर जो भी है वो फ्री हो जाए लेकिन पिज्जा बॉय के पसीने छूटते रहते हैं क्योंकि या तो उसकी सैलरी जाएगी या नौकरी ।
कहने का तात्पर्य यह है कि लोग दर्द को समझ रहे थे लेकिन कुछ कर नहीं पा रहे थे पहले तो बस बात पिज्जा की ही थी लेकिन अब हम इतने अपने जिंदगी में bussy हो गए हैं कि चश्मा से लेकर सर्फ साबुन तक ऑनलाइन डिपेंड हो गए जाने बाहर जाना तो जैसे आसमान से सितारे तोड़ लाना ऐसी बात हो गई है ।
लेकिन इन gig वर्कर्स के दर्द को समझा एक युवा सांसद राघव चड्ढा ने उन्होंने संसद के अंदर ये बात रखी कि देश के सामने इन वर्कर्स के दर्द को सुनाया यही नहीं उन्होंने उनको दर्द को समझने के लिए एक बार Blinkitके वर्कर के साथ सामान भी डिलीवरी किया जिसका वीडियो उन्होंने अभी बीते दिनों शेयर किया है।
लेकिन खुशी की बात ये है कि केंद्र सरकार ने इस बात के लिए सख्त आदेश जारी किया है कि कम्पनियां इस तरह के समय सीमा वाली पाबंदी हटाए।
Blinkit नाम की कंपनी जो ग्रॉसरी का सामान डिलीवर करती है उसने तो ये बात मान ली है और समय सीमा भी हटा दिया दिया है लेकिन। Swiggy और बाकी कंपनी ने मानने की पेशकश की है।
हम सभी केo राघव चड्डा को बहुत धन्यवाद देना चाहिए।यही होता है एक युवा और पढ़ा लिखा सांसद और अनपढ़ गवार सांसद मंत्री में । अगर हम अपना कीमती वोट किसी अनपढ़ गवार को देंगे तो वो क्या ही हमारे दर्द को समझेगा।बस वो धर्म और जाती की बात करता रहेगा मतभेद करवाता रहेगा । सोचिए अगर राघव चड्ढा कहते हिंदू वर्कर्स को 10 मिनट में डिलीवरी पहुंचने की छूट ओर अन्य जाती का है तो 5 मिनिट में पहुंचाना ही पड़ेगा अन्यथा हिंदुस्तान छोड़ना पड़ेगा तो अन्य वर्कर कैसा महसूस करते