reel banane ke chakkar me ek maa ki kokh ujdi
यह खबर बेहद भावुक और समाज को झकझोर देने वाली है। नीचे आपकी वेबसाइट के लिए तैयार पूरी खबर दी जा रही है —17 साल के नाबालिग ने तेज रफ्तार SUV से ली जान, 23 साल से अकेले बेटे को पाल रही मां का सहारा छिनादेशभर में शोक की लहर, लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवारएक दर्दनाक सड़क हादसे ने न सिर्फ एक मां की दुनिया उजाड़ दी, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
23 वर्षों तक अपने बेटे को अकेले पालने वाली मां का इकलौता सहारा एक तेज रफ्तार SUV की चपेट में आकर हमेशा के लिए चला गया।जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़का कथित तौर पर बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के SUV चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन अत्यधिक तेज गति में था और चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे मौके पर ही युवक की मौत हो गई।23 साल की तपस्या एक पल में खत्ममृतक युवक अपनी मां का इकलौता बेटा था। बताया जा रहा है कि मां ने सिंगल पैरेंट के रूप में कठिन परिस्थितियों में बेटे का पालन-पोषण किया था। पिता के न रहने के बाद उन्होंने ही मां और पिता दोनों की जिम्मेदारी निभाई।पड़ोसियों के अनुसार, मां ने अपने बेटे को पढ़ाने-लिखाने और अच्छा इंसान बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की। वह हमेशा कहती थीं कि उनका बेटा ही उनका भविष्य है। लेकिन एक लापरवाह ड्राइविंग ने उनके सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया।
नाबालिग के हाथ में गाड़ी कैसे?इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 17 साल का नाबालिग SUV जैसी भारी गाड़ी कैसे चला रहा था? क्या परिवार को इसकी जानकारी थी? क्या वाहन मालिक ने उसे गाड़ी सौंपने में लापरवाही बरती?मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस के वाहन नहीं चला सकता। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए दुर्घटना करता है तो उसके अभिभावकों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।मौके पर ही हुई मौतप्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग सड़कों पर उतरकर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।देश भी रो रहा हैयह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक चेतावनी है। एक मां जिसने 23 साल तक अपने बेटे को सींचा, आज अकेली रह गई है।
उसकी आंखों के आंसू सिर्फ उसका निजी दुख नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाते हैं।सवाल सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि उस मानसिकता का है जहां नाबालिग बच्चों को महंगी और तेज रफ्तार गाड़ियां थमा दी जाती हैं।प्रशासन की कार्रवाईपुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि नाबालिग चालक को हिरासत में लिया गया है और वाहन मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।एक लापरवाही, एक जिंदगी खत्म, और एक मां की दुनिया उजड़ गई।