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ab khule me nahi milegi ya bikeegi meat “Bihar”

अब खुले में नहीं मिलेगा मीट: स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर सख्त हुए नियमदेश के कई राज्यों में अब खुले में मीट बेचने पर सख्ती शुरू हो गई है।

स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों ने साफ कर दिया है कि बिना ढके, खुले में रखकर मांस बेचने की अनुमति अब नहीं दी जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना और खाद्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना है।दरअसल, लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि खुले में बिकने वाले मीट पर धूल, मक्खियाँ और अन्य गंदगी बैठ जाती है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

खासकर गर्मियों के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब मांस जल्दी खराब हो सकता है और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।प्रशासन द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब मीट की दुकानों को साफ-सुथरे और ढके हुए काउंटर में ही मांस रखना होगा। साथ ही दुकानदारों को लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है और समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण भी किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना या दुकान सील करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कदम आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। खुले में बिकने वाले मीट से कई तरह के बैक्टीरिया पनपते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसलिए अब मीट को कांच के बॉक्स या रेफ्रिजरेटेड यूनिट में रखना अनिवार्य किया गया है।हालांकि इस फैसले के बाद कुछ मीट विक्रेताओं ने अपनी चिंता भी जाहिर की है।

उनका कहना है कि नए नियमों को लागू करने में खर्च बढ़ेगा और छोटे दुकानदारों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला जनता के हित में है और इससे खाद्य जनित बीमारियों में कमी आएगी। साफ-सफाई और सही तरीके से मीट का भंडारण करने से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और ताजा उत्पाद मिल सकेगा।प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त और स्वच्छ दुकानों से ही मीट खरीदें, ताकि किसी भी तरह के स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सके।अगर चाहें तो मैं इसके लिए एक वन लाइन हेडलाइन भी बना दूँ।

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