बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को मिली सजाए मौत
Shekh Hasina Verdict कोई भी क़ानून से ऊपर नहीं। शेख़ हसीना की सजा ए मौत पर बोले चीफ एडवाइजर युनूस
शेख हसीना को मानवता के खिलाफ़ अपराध का दोषी करार दिया गया है
–बांग्लादेश में शेख हसीना को मौत की सजा: राजनीतिक भूचाल – बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराधों में दोषी ठहराकर मौत की सजा सुनाई है।
मुख्य आरोप और फैसला न्यायाधिकरण ने कहा है कि हसीना ने छात्र-आंदोलन के दौरान घातक हथियारों, हेलीकॉप्टर और ड्रोन के इस्तेमाल को निर्देश दिया था।
फैसले में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा “मानवता के विरुद्ध अपराध” की श्रेणी में आती है। साथ ही, उनके सहयोगी पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा दी गई है, जबकि पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पाँच साल की जेल हुई है। यह फैसला लगभग 453 पेज की राइंग में सुनाया गया। हसीना की प्रतिक्रिया शेख हसीना ने फैसले को “अनै धार्मिक”, “पूर्वनिर्धारित” और “राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताते हुए खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें “किसी सही ट्रिब्यूनल में अपना पक्ष रखने का सही मौका नहीं दिया गया।” राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रियाएँ बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस, जिन्होंने वर्तमान सरकार का नेतृत्व किया है, ने इस फैसले को सही कदम कहा है और न्याय व्यवस्था को “जवाबदेही का संकेत” बताया है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें इस फैसले पर टिक गई हैं — कुछ संगठन मृत्युदंड की निंदा कर रहे हैं। हसीना समर्थकों ने देशभर में बंद (शटडाउन) और विरोध प्रदर्शन का एलान किया है।
पृष्ठभूमि: जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध प्रदर्शन पिछले साल जुलाई से अगस्त 2024 तक छात्र-नियुक्ति आंदोलन हुआ था, जिसके दौरान व्यापक दमन हुआ था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हिंसा में लगभग 1,400 लोग मारे गए थे। न्यायाधिकरण मामले की सुनवाई हसीना की गैर-मौजूदगी (in absentia) में कर रहा था, क्योंकि वह भारत में निर्वासन में हैं। कानूनी आगे की राह यह फैसला ICT-BD द्वारा सुनाया गया है।
हसीना इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं, और उनकी ओर से दया याचिका भी दायर हो सकती है। (मृत्युदंड की प्रक्रिया बांग्लादेश में कानूनन निर्धारित है) इसके साथ ही, दोनों पक्षों (सरकार और हसीना समर्थक) के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ने की उम्मीद है, खासकर आने वाले चुनावों को देखते हुए। —
