kya hai digital haat
डिजिटल हाट एक ऐसी जगह है जहाँ लोग मिलते हैं।
एक मेले की तरह भीड़ है, शोर है, चकाचौंध है, पर कोई अपना नहीं। सब अपने लगते हैं, देख सकते हो लेकिन महसूस नहीं कर सकते।दोस्तों की फ़ोटो साझा है, लेकिन जब आप बीमार पड़ोगे तो कोई आपको अस्पताल नहीं ले जाएगा।
अस्पताल के बिस्तर के सिरहाने मौजूद नहीं रहेगा।डिजिटल हाट में खाने की रंग-बिरंगी चीजें दिखेंगी। देखकर लालच भी आएगा, लेकिन भूख नहीं मिटेगी।
डिजिटल हाट का ऐसा युग है यह।हर चीज़ दिखेगी, पर आप सब कुछ वर्चुअल ही कर पाओगे, महसूस नहीं कर पाओगे।ये शब्द “डिजिटल हाट” साधना भूषण की कल्पना से आया है।
