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“बांग्लादेश चुनाव: अंतरिम सरकार ने सत्ता हस्तांतरण का दिया भरोसा, लोकतंत्र की बड़ी परीक्षा”

यह खबर मुख्य रूप से बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव, अंतरिम सरकार की भूमिका और राजनीतिक माहौल से जुड़ी है। देश में हालिया हिंसक घटनाओं और राजनीतिक तनाव के बीच चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो रही है।

इसी संदर्भ में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनकी सरकार चुनाव संपन्न होते ही शीघ्र ही निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंप देगी।बांग्लादेश में चुनावी माहौलबांग्लादेश इन दिनों महत्वपूर्ण आम चुनाव की तैयारी में जुटा है।

यह चुनाव बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक होने वाला माना जायेगा।

इस चुनाव को देश के लिए ऐतिहासिक और भविष्य निर्धारण करने वाला माना जा रहा है। खबर के अनुसार, कुल 300 सीटों पर मतदान होना है, जबकि संसद (जातीय संसद) में कुल 350 सीटें हैं। इनमें से 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। साधारण बहुमत के लिए 151 सीटों की आवश्यकता होती है।चुनाव में लगभग 1,981 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1,518 उम्मीदवार पहली बार राष्ट्रीय चुनाव लड़ रहे हैं।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में युवा मतदाता भी इस बार मतदान करेंगे। बताया गया है कि लगभग 44 प्रतिशत मतदाता युवा हैं, जिनकी उम्र 18 से 37 वर्ष के बीच है। यह चुनाव युवाओं की भागीदारी और नई उम्मीदों के कारण भी खास माना जा रहा है।नई व्यवस्थाएँ और बदलावइस बार चुनाव में कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं। विदेश में रहने वाले लगभग 15 लाख बांग्लादेशी नागरिकों को भी मतदान का अधिकार दिया गया है।

इसके अलावा ‘नो वोट’ विकल्प की व्यवस्था भी की गई है, जिससे मतदाता यदि किसी भी उम्मीदवार को पसंद न करें तो वे इस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।अंतरिम सरकार ने पहले ही राष्ट्रीय जनमत संग्रह (रेफरेंडम) कराने की बात कही थी, जिसमें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक सुधारों को लेकर जनता की राय ली जा सकती है। इसमें न्यायिक नियुक्ति आयोग की स्थापना और राष्ट्रपति की शक्तियों को बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल बताए गए हैं, ताकि प्रधानमंत्री की शक्तियों पर संतुलन बनाया जा सके।

मोहम्मद यूनुस का बयान भी आया सामने

ढाका में दिए गए अपने संबोधन में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कहा कि उनकी प्रशासनिक टीम चुनाव के बाद तुरंत निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंप देगी। उन्होंने कहा कि “हर देश के इतिहास में कुछ दिन ऐसे आते हैं, जब उसके भविष्य की दिशा और लोकतंत्र की स्थिरता तय होती है।

यह चुनाव भी ऐसा ही एक निर्णायक क्षण है।”उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे जिम्मेदारी से मतदान करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। यूनुस ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की हिंसा, डराने-धमकाने या मतदान केंद्रों पर कब्जा करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने का निर्देश दें।

यूनुस ने यह भी कहा कि गलत सूचनाएं और अफवाहें लोकतंत्र को कमजोर करती हैं। इसलिए लोगों को बिना सत्यापन के किसी भी खबर को साझा नहीं करना चाहिए।

उन्होंने इसे “लोकतंत्र के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार” बताया।राजनीतिक तनाव और चुनौतियाँबांग्लादेश में हाल के दिनों में राजनीतिक हिंसा और टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। विपक्षी दलों और सत्ताधारी गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य नेताओ को लेकर विवाद की स्थिति

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य नेताओं को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है, जबकि सरकार का दावा है कि चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराए जाएंगे।अंतरिम सरकार का गठन ही इस उद्देश्य से किया गया है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से हो सकें।

यूनुस ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या असंवैधानिक गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।लोकतंत्र की कसौटीविश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतंत्र की मजबूती की परीक्षा है। युवाओं की बड़ी भागीदारी और नई नीतिगत पहलों से उम्मीद की जा रही है कि देश में एक नई राजनीतिक दिशा तय होगी।मतदान के बाद सबसे बड़ी चुनौती शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण की होगी।

यदि अंतरिम सरकार अपने वादे के अनुसार सत्ता निर्वाचित प्रतिनिधियों को सौंप देती है, तो यह देश में लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।कुल मिलाकर, बांग्लादेश इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। आने वाले चुनाव न केवल नई सरकार का गठन करेंगे, बल्कि देश की राजनीतिक स्थिरता, लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य की दिशा भी तय करेंगे। जनता की सक्रिय भागीदारी और शांतिपूर्ण मतदान से ही इस प्रक्रिया को सफल बनाया जा सकता है।

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