PM Modi Malaysia trip
— आज (8 फरवरी 2026) के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे पर ताज़ा घटनाक्रम के साथ
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प्रधानमंत्री मोदी का मलेशिया दौरा: भारत-मलेशिया संबंधों में नई ऊँचाई
कुआलालंपुर / पुत्राजाया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 8 फरवरी 2026 को मलेशिया का दो-दिवसीय आधिकारिक दौरा सफलतापूर्वक पूरा किया। यह दौरा दोनों देशों के बीच “समग्र रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership)” को और अधिक मजबूती देने का महत्वपूर्ण अवसर रहा है।

मोदी की यह यात्रा 2026 में विदेश की पहली औपचारिक यात्रा है और यह दोनों देशों के बढ़ते राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा तथा तकनीकी सहयोग को दर्शाती है.
प्रधानमंत्री मोदी का मलेशिया में भव्य स्वागत हुआ, जिसमें गॉर्ड ऑफ ऑनर, सांस्कृतिक कार्यक्रम और औपचारिक सभा शामिल थी।
इसके बाद उन्होंने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ औपचारिक शिष्टाचार और व्यापक वार्ता की।
अहम समझौते — सब पर दस्तख़तमोदी और अनवर इब्राहिम ने कुल 11 दस्तावेज़ों और समझौतों (MoUs / EoLs/EoNs) पर हस्ताक्षर किए, जो कई क्षेत्रों को कवर करते हैं:
सेमीकंडक्टर और डिजिटल टेक्नोलॉजी सहयोगव्यापार और निवेशडिजास्टर मैनेजमेंट और सह-रोजगारस्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण (TVET)संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भागीदारीबेहतर समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोगये समझौते दोनों देशों के भविष्य के सहयोग को गहरा और स्थिर करेंगे।

विशेषकर सेमीकंडक्टर सहयोग पर जोर देते हुए दोनों देशों ने तकनीकी, रिसर्च एवं संभावित निर्माण संबंधी साझेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा।
सुरक्षा और आतंकवाद पर सख्त रुखमोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया:“कोई डबल स्टैंडर्ड, कोई समझौता नहीं” — आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का स्पष्ट रुख वही रहेगा .
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और मलेशिया समुद्री सुरक्षा, खुफिया साझेदारी और उभरते वैश्विक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे। रुख विशेष रूप से इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
व्यापार और निवेश: अरबों डॉलर के अवसर
मोदी ने मलेशियाई उद्योगपतियों के साथ विशेष बैठक की, जिसमें भारत में निवेश के बड़े अवसरों पर जोर दिया गया। देश में तेजी से बढ़ते आर्थिक आंकड़ों और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर ने मलेशियाई व्यापारियों का उत्साह बढ़ाया है।
दोनों देशों ने व्यापार को और सुगम बनाने के लिए स्थानीय मुद्रा में लेन-देने की संभावनाओं की भी समीक्षा की है, ताकि व्यापारिक प्रक्रिया और निवेश दोनों और अधिक प्रभावी बन सकें।
The Business Standard
2025 में भारत-मलेशिया का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 18.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो आगे बढ़ने की मजबूत क्षमता रखता है।
सांस्कृतिक और लोगों-से-लोगों के संबंध
मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मलेशिया में तमिल साहित्य और संस्कृति के योगदान पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा और कला की वैश्विक पहुँच भारतीय संस्कृति को और अधिक मजबूती देती है। मलेशिया में बड़ी भारतीय डायस्पोरा होने के कारण सांस्कृतिक सहयोग का यह पक्ष भी दोनों देशों के रिश्तों को और करीब लाता है।
निष्कर्ष:
एक “समग्र, रणनीतिक और दीर्घकालिक” साझेदारीयह दौरा केवल औपचारिक मुलाक़ात नहीं रह गया, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी का नया अध्याय लिखा गया। चाहे वह रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, शिक्षा या सांस्कृतिक क्षेत्र हो — भारत और मलेशिया एक दूसरे के साथ ज्यादा गहराई से जुड़ने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।मोदी के इस दौरे ने साबित किया है कि द्विपक्षीय रिश्ते अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक और प्रगतिशील साझेदारी के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो दोनों देशों के नागरिकों को सीधा
