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25 december से शुरू हुआ भागवत ।
25 दिसंबर से शुरू हुआ श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ:
भागवत में बैठना उसके श्रवण कानों में पड़ना अपने आप में ही बहुत बड़ी बात होती हैं। अगर आपके आस पास में भी कहीं भागवत हो तो जाया करें।
जानिए क्यों होता है भागवत, क्या हैं इसके लाभ जो सुनने के बाद मिलता है।
SLF क्षेत्र में 25 दिसंबर से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह मानव जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक यज्ञ माना जाता है।
देश के अलग–अलग हिस्सों में यह कथा विशेष तिथियों पर आयोजित की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।श्रीमद् भागवत कथा क्या है?श्रीमद् भागवत महापुराण हिंदू धर्म के 18 प्रमुख पुराणों में से एक है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य चरित्र, लीलाओं और उपदेशों का विस्तार से वर्णन मिलता है। यह पुराण भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत संगम है।भागवत कथा को कलियुग में मोक्ष का सबसे सरल मार्ग माना गया है।
भागवत कथा क्यों करवाई जाती है? भागवत कथा करवाने के पीछे कई धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कारण होते हैं—भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए में लोग करवाते हैं भागवत।
घर–परिवार में सुख, शांति और समृद्धि के लिए पितृ दोष, ग्रह दोष और नकारात्मक ऊर्जा के निवारण के लिए ,जीवन में भक्ति और सकारात्मक सोच लाने के लिए ,पापों के क्षय और पुण्य की प्राप्ति के लिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां देवताओं का वास माना जाता है।भागवत कथा सुनने और करवाने के लाभ भागवत कथा के अनेक आध्यात्मिक और मानसिक लाभ बताए गए हैं—मन को शांति मिलती है तनाव और चिंता दूर होती है भक्ति भाव जागृत होता है जीवन के उद्देश्य की समझ मिलती है ।घर में सकारात्मक वातावरण बनता है संतान, स्वास्थ्य और धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं कहा जाता है कि सात दिनों तक श्रद्धा से भागवत कथा सुनने मात्र से व्यक्ति का जीवन बदल सकता है। ।
25 दिसंबर से भागवत कथा का विशेष महत्व 25 दिसंबर से शुरू होने वाली भागवत कथा का विशेष धार्मिक महत्व माना जा रहा है। यह समय शीत ऋतु का होता है, जब वातावरण शुद्ध और शांत रहता है। ऐसे समय में की गई कथा और साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है।स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, इस आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता को भी बल मिलता है।
समाज पर भागवत कथा का प्रभाव भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज को जोड़ने का कार्य भी करती है।
कथा के दौरान—आपसी भाईचारा बढ़ता है ।संस्कारों का प्रचार होता है युवा पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ा जाता है नशा, हिंसा और गलत प्रवृत्तियों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है
निष्कर्ष : SLF में 25 दिसंबर से शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानव जीवन को सही राह दिखाने वाला आध्यात्मिक आयोजन भी है। भागवत कथा हमें सिखाती है कि भक्ति, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है।ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है और भारतीय संस्कृति की जड़ें और मजबूत होती हैं।
और अगर हमें आज की युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों और संस्कारों को जिंदा रखने की प्रेरणा देना चाहते हैं तो उन्हें भी भागवत में ले जाए नहीं तो हम आखिरी पीढ़ी होंगे जो भागवत करा रहे होंगे ।
