यूक्रेन के नौसैनिक ड्रोन ने रूस की ‘शैडो फ्लीट’ पर किया हमला, दो ऑयल टैंकर क्षतिग्रस्त
यूक्रेन ने समुद्री ड्रोन से रूस के ‘शैडो फ्लीट’ को निशाना बनाया, दो ऑयल टैंकरों पर हमला
इस्तांबुल/मॉस्को: यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे समुद्री तनाव में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब यूक्रेन ने अपने घरेलू रूप से विकसित Sea Baby नेवल ड्रोन का इस्तेमाल कर रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ के दो ऑयल टैंकरों पर हमला कर दिया।
ये हमला ब्लैक सी के तट के पास किया गया, जिसकी पुष्टि यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU ने की है।रिपोर्ट के अनुसार, जिन जहाजों को निशाना बनाया गया—Kairos और Virat—वे ऐसे रूसी टैंकर बताए जाते हैं जो पश्चिमी प्रतिबंधों से बचकर तेल परिवहन करते हैं। हमले के बाद तुर्की तटरक्षक दल सहित कई टीमों को राहत व बचाव कार्य के लिए भेजा गया। राहत की बात यह रही कि दोनों जहाजों पर मौजूद सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं।अज्ञात नाम न बताने की शर्त पर एक SBU अधिकारी ने बताया कि ये हमला रूस के समुद्री तेल परिवहन को बाधित करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन लगातार रूसी सैन्य और आर्थिक क्षमताओं को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है ताकि युद्ध में रूस की बढ़त कम हो सके।

घटना से जुड़े एक वीडियो में जहाजों पर हुए विनाश और आग की लपटें साफ दिखाई देती हैं। हालांकि रूस की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सीमित है, लेकिन यह हमला क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है।कज़ाख तेल निर्यात पर भी पड़ा असरब्लैक सी में ही एक अन्य घटना में Caspian Pipeline Consortium (CPC) ने बताया कि यूक्रेनी ड्रोन हमले में उसकी एक महत्वपूर्ण निर्यात सुविधा क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके कारण संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। CPC दुनिया के कुल तेल निर्यात का 1% से अधिक संभालती है और कज़ाखस्तान के 80% तेल का निर्यात इसी पाइपलाइन से होता है।कंपनी ने कहा कि मोरिंग पॉइंट-2 पर हमला हुआ है और वर्तमान में उसका संचालन संभव नहीं है।इन दोनों घटनाओं ने ब्लैक सी क्षेत्र में चल रहे समुद्री संघर्ष को नया आयाम दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में समुद्री व्यापार, विशेषकर ऊर्जा आपूर्ति, पर बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
