पूरे देश में छठ पर्व की धूम
चार दिन तक मनाया जाने वाला पर्व सिर्फ बिहारियों की पहचान नहीं है ।
यह देश से लेकर विदेश तक अपने लोक आस्था को लेकर हर हिन्दुस्तानियों के लिए खास है।
यह पर्व किसी जाती विशेष का नहीं यह किसी रंग का भेदभाव नहीं करता इसमें सारे वर्ण इस व्रत को करते हैं।
यह व्रत नहाए खाए से शुरू होता है फिर अगले दिन व्रती खरना करती हैं
दिन भर निर्जला रहने के बाद शाम को थोड़ा सा प्रसाद खा कर पानी वगैरह पी लेती हैं और फिर वही पानी पिए अगले दिन निर्जला रहकर सांझ के डूबते सूरज को जल देती है पूजा करती हैं अर्ग देते हैं जो कि छठ पूजा का सबसे खूबसूरती को दर्शाता हैं ।
वरना डूबते सूरज की कौन पूजा करता है ।
फिर घाट से आकर निर्जला ही रहकर सुबह के सूर्य को अर्ग देती हैं फिर छठ घाट से आकर तब अपना प्रसाद खाकर व्रत तोड़ती हैं ।
