Iran america se lega badla
Source Zee News
:ईरान लेगा अमेरिका से बदला, मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। हाल के घटनाक्रमों के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच टकराव किसी बड़े युद्ध का रूप भी ले सकता है।
इसी मुद्दे पर Zee News के चर्चित शो “ब्लैक एंड व्हाइट” में एंकर Rahul Sinha ने विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि मौजूदा हालात इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि ईरान अमेरिका से बदला लेने की तैयारी कर सकता है।कार्यक्रम के दौरान राहुल सिन्हा ने बताया कि पिछले कुछ समय से मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच राजनीतिक और सैन्य मतभेद पहले से ही गहरे रहे हैं, लेकिन हालिया घटनाओं ने इस टकराव को और गंभीर बना दिया है। उनके अनुसार यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।राहुल सिन्हा ने अपने विश्लेषण में कहा कि ईरान लंबे समय से अमेरिका की नीतियों का विरोध करता रहा है।
ईरान का मानना है कि अमेरिका लगातार उस पर राजनीतिक और सैन्य दबाव बनाने की कोशिश करता है। ऐसे में अगर हालिया घटनाओं को देखा जाए तो ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पास मिसाइल तकनीक और क्षेत्रीय सहयोगियों का मजबूत नेटवर्क है, जो किसी भी संभावित टकराव की स्थिति में अहम भूमिका निभा सकता है।शो में यह भी चर्चा हुई कि मिडिल ईस्ट पहले से ही कई संघर्षों का केंद्र रहा है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधा टकराव बढ़ता है तो इसका प्रभाव खाड़ी क्षेत्र के कई देशों पर पड़ सकता है। तेल उत्पादन और आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में किसी बड़े सैन्य संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।राहुल सिन्हा ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस समय स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। कई देश इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और कोशिश कर रहे हैं कि तनाव को कूटनीतिक स्तर पर कम किया जाए। हालांकि अगर हालात नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं तो यह टकराव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से अविश्वास की स्थिति बनी हुई है।
दोनों देशों के बीच पहले भी कई बार तनाव बढ़ा है, लेकिन हर बार किसी न किसी तरह स्थिति को संभाल लिया गया। इस बार भी दुनिया के कई देश यही उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों पक्ष बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालेंगे।राहुल सिन्हा के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर ईरान किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई करता है तो अमेरिका भी उसी स्तर पर प्रतिक्रिया दे सकता है।
ऐसी स्थिति में मिडिल ईस्ट का पूरा क्षेत्र अस्थिर हो सकता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है।फिलहाल दुनिया की नजर इसी बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस तनाव का क्या परिणाम निकलता है। क्या दोनों देश बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे या फिर यह टकराव किसी बड़े सैन्य संघर्ष में बदल जाएगा, यह आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन इतना तय है कि मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति वैश्विक राजनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
