“बिहार में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत: मधुबनी में ₹500 करोड़ की मेगा टेक्सटाइल फैक्ट्री का उद्घाटन”
आज बिहार ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक नया इतिहास रच दिया।
माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू की गई टेक्सटाइल एवं लेदर पॉलिसी का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से ज़मीन पर दिखाई देने लगा है।मधुबनी जिले के पंडौल औद्योगिक क्षेत्र में सावी ग्लोबल फैशन द्वारा लगभग ₹500 करोड़ के निवेश से स्थापित अत्याधुनिक टेक्सटाइल एवं लेदर फैक्ट्री का भव्य उद्घाटन किया गया।

करीब 30 एकड़ में फैली और 12 लाख स्क्वेयर फीट क्षेत्र में निर्मित यह यूनिट बिहार के औद्योगिक भविष्य की नई पहचान बनकर उभर रही है।इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर अनेक वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया।यह फैक्ट्री न केवल तकनीकी दृष्टि से अत्याधुनिक है, बल्कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी मील का पत्थर साबित होगी।

अनुमान है कि यहाँ लगभग 12,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि हजारों लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि बिहार अब केवल ऐतिहासिक विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक क्रांति की ओर तेज़ी से अग्रसर है। टेक्सटाइल और लेदर सेक्टर में राज्य की नई नीतियाँ देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं और बिहार को एक उभरते औद्योगिक हब के रूप में स्थापित कर रही हैं।कार्यक्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, विधायक माधव आनंद, विनोद नारायण झा, मीना कामत, विधान पार्षद घनश्याम ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत का कोई राज्य टेक्सटाइल उद्योग में बांग्लादेश जैसी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को चुनौती दे सकता है, तो वह बिहार है—और इस दिशा में ठोस आधार तैयार हो चुका है।स्पष्ट है कि यह “नया बिहार” है—जहाँ निवेश, उद्योग और रोजगार की नई कहानी लिखी जा रही है, और आने वाले समय में यह राज्य देश के औद्योगिक नक्शे पर एक मजबूत पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
