जर्जर इमारत बनी मौत का मलबा, DU के छात्रों समेत 7 की मौतनई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों समेत कई युवक रह रहे थे।
हादसे के बाद मलबे में कई लोग दब गए। राहत और बचाव दल ने अभियान चलाकर कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर है।बताया जा रहा है कि यह इमारत करीब 50 साल पुरानी थी और इसमें छात्रों के लिए PG/हॉस्टल संचालित हो रहा था। हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।
हालांकि इमारत गिरने की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है।घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। बचावकर्मियों ने मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
DU छात्रों की मौत से विश्वविद्यालय में शोकहादसे में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की मौत की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय ने दुख जताया। DU ने कहा कि वह घटना से बेहद दुखी है और प्रभावित छात्रों तथा उनके परिवारों के साथ खड़ा है।
छात्र संगठनों ने भी दिल्ली में निजी PG और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच की मांग की है।जर्जर इमारतों पर फिर उठे सवालसत्य निकेतन की घटना ने दिल्ली में छात्रों के लिए संचालित PG और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुरानी इमारतों, मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों और भवनों की नियमित जांच को लेकर अब प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।नोट: शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग थी, लेकिन बाद की सोमवार की रिपोर्टों में संख्या 7 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। इसलिए खबर में नवीनतम उपलब्ध आंकड़ा इस्तेमाल किया गया है।
