मोबाइल के पीछे गए 3 जान
20 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के तिसगांव स्थित खवड्या डोंगर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई।
युवक ने iPhone खरीदा था और उसकी EMI को लेकर परिवार में विवाद
iPhone की EMI को लेकर विवाद, पहाड़ पर पहुंचा युवक; बचाने गए माता-पिता की भी मौतछत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में iPhone की EMI को लेकर हुआ पारिवारिक विवाद बेहद दर्दनाक हादसे में बदल गया।
तिसगांव इलाके के खवड्या डोंगर पर एक युवक पहुंच गया और करीब तीन घंटे तक परिवार, ग्रामीण, पुलिस और फायर ब्रिगेड उसे समझाने की कोशिश करते रहे। लेकिन हालात नहीं संभल सके और अंत में युवक समेत उसके माता-पिता की भी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, युवक ने iPhone खरीदा था और उसकी किस्त भरने के लिए परिवार से पैसे मांग रहा था। इसी बात को लेकर पिता से उसका विवाद हुआ। इसके बाद वह गुस्से में घर से निकलकर खवड्या डोंगर पहुंच गया। माता-पिता भी उसे समझाने के लिए वहां पहुंचे।करीब तीन घंटे तक उसे नीचे उतरने के लिए मनाया गया। मौके पर ग्रामीणों के साथ पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौजूद थी।
ग्रामीणों ने युवक को iPhone 15 Pro दिलाने तक की बात कही, लेकिन वह नीचे आने के लिए तैयार नहीं हुआ।दोपहर के समय पिता बेटे के पास पहुंचे और उसे सुरक्षित वापस लाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे खाई में गिर गए। बेटे और पति को गिरता देखकर मां भी कुछ ही देर बाद नीचे गिर गईं। पुलिस के मुताबिक तीनों की मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मौके पर मौजूद लोग युवक को समझाते दिखाई देते हैं। हालांकि, घटना की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए वीडियो के बजाय घटनास्थल की गैर-ग्राफिक तस्वीर इस्तेमाल करना उचित रहेगा।
सोशल मीडिया के दौर में रील देखने के चक्कर में जाहिर है उसे पढ़ने के इस्तेमाल के लिए तो फोन नहीं चाहिए था स्टेटस के चक्कर में जिसे देखने ओर दिखाने से बस टेंशन ही होती है उसके लिए जान दे देना कैसी नाइंसाफी है । और ये मामला दिख गया इसलिए नहीं तो कितनी बार बच्चे फोन के देखने से मना करने पर मां बाप की जान भी ले लेते है गेमिंग के चक्कर में घंटों स्क्रीनिंग पर समय बर्बाद करते हैं । आज कल की न्यूक्लियर फैमिली की मां जो फैमिली से दूर रहते हैं वो जान बुझ कर बच्चे को फोन पकड़ा देते हैं ताकि वो आसानी से अपना काम कर सके लेकिन बाद में जब ये बच्चों की आदत हो जाती है बिना फोन के खाना नहीं खाते ब्लैकमेल करते हैं और मां बाप सोचते हैं कि चलो कुछ तो खा लेंगे सोचो अभी छोटे हैं तो हम कंट्रोल नहीं कर पा रहे बड़े होकर क्या ही करेंगे।
मां कहेंगी हमने नहीं पकड़ाया फोन जाने कंहा से सीखा ओ मोरी मईया कंहा से क्या सीखा आपसे सीखा उसने जन्म से अपनी मां को फोन चलाते ही तो देखा है तो वो इसे नॉर्मल ही समझेगा न आप को ज्यादा जरूरी लगे तो बच्चे के सामने तभी फोन use करे बल्कि स्क्रीनिंग के लिए नहीं बुक रीड करे ।इससे बच्चा भी समय का सदुपयोग करना सीखेगा